• Contact Us: +91-97803-99011
सदियों से सत्य व साक्षी की साधना

सदियों से सत्य व साक्षी की साधना

इस वृक्ष को देखो, इस वृक्ष की अपनी एक साधना है। अपना एक अनुभव है।  सदियों से मंदिर के इस प्रांगण में एक जगह खड़ा है… हर पल हर क्षण का साक्षी है…

इसने उत्सव देखे हैं, नृत्य देखे हैं.. धूप देखी है, छाँव देखी है.. उतार चढ़ाव सहे, हर पल बस डटा रहा और वक्त की मार भी सही है।

 स्तुतियां भी सुनी, आराधनाए भी देखी, ब्रह्म की सुगंध भी पाई है..  हर पल को प्रसन्नता से औरों के लिए जिया है। जीवन जिया ही नहीं अपितु जीवन दान भी कर रहा है, श्वास के रूप में … सदैव सबका मंगल ही चाहा है और मंगल ही किया है। 

खुले आकाश का आलिंगन किया है। ईश्वर की रज़ा को अपनी राजा बनाया है।
मौन के गीत गाये हैं। सिर्फ ऊपर ही नहीं उठा, भीतर भी गहरा उतरा है। स्थिरता व दृढ़ता की सतत साधना कर रहा है।
स्वयं के होने को उसका होना बनाया है। खुद होकर भी खुद नहीं… खुद से खुदा की झलक झलकाई है। कई पीढ़ियों का दर्शन किया है। न किसी के होने से आपत्ति है न किसी के होने का हर्ष… हर्ष व शोक से ऊपर साक्षी में जीता है। साक्षी में रहता है। यही मार्ग है.. ॐ आनंद… ॐ शांति… ॐ अनंत…

-नित्यश्री

‘वही है बस वही है’ पुस्तक से

User Comments ( 3 )

  • Sarita

    आनन्द

  • Shivani

    I’ve never seen a person who is able to observe nature that closely… And… Not only this, he reads minds of people, ayurvedic scriptures, details of medicinal herbs, yogic world…. With the same matured mind. Just wonder how can a person achieve that huge calibre and still remain simple and helpful…. It’s definitely a God’s gift for all those who have been in his touch and been benefitted personally… I owe him a big THANKS because he arose that dying wish to LIVE in my mom and brought that sparkling HOPE in her life to survive…. although… She couldn’t fight herself long and gave up physically….. Om

    • Admin

      God bless you

Give a Reply